google-site-verification: googledc077f41c0591d94.html जिन्दगी के मायने = ख़ुशी : मेरी डायरी के पन्ने (1)
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Saturday, 28 May 2016


मेरी डायरी के पन्ने (1)

ऐ जिन्दगी 


एक और  मंजिल नई  दिख रही है    राह में  ऐ   जिन्दगी
सांझ अभी ढली नही कांरवा अभी थमा नही है ऐ जिन्दगी ॥

मुस्कुराके ग़मों का घूंट पीना जिसको आ गया ऐ जिन्दगी
ये सच है कि जंहा में , जीना उसे आ गया ऐ   जिन्दगी॥

जा   मेरी अधुरी ख्वाहिशों से  कह दे अब,  तू  ऐ जिन्दगी
अपनी नही तो दूसरों की ख्वाहिशों के लिए जीना आ गया है ऐ जिन्दगी ||

मेरी ख्वाहिशों का क्या,कांरवां गुज़र रहा है ऐ जिन्दगी
मेरी चाहत में निशाँ बच रहे है या कांरवा ठहर रहा है ऐ जिन्दगी ॥

तमाम उम्र ख्वाहिशें मेरी,मुझे राह दिखाती रही ऐ जिन्दगी
उसे भी व तुझे भी, कभी  अपनी मंजिल का पता न था ऐ जिन्दगी ॥

मेरी ख्वाहिशें ही मुझसे कभी वफा न कर सकी ऐ जिन्दगी
मैनें जतन तो बहुत किये उन्हें पाने के लिए ऐ जिन्दगी ॥