google-site-verification: googledc077f41c0591d94.html जिन्दगी के मायने = ख़ुशी : May 2016

Saturday, 28 May 2016


मेरी डायरी के पन्ने (1)

ऐ जिन्दगी 


एक और  मंजिल नई  दिख रही है    राह में  ऐ   जिन्दगी
सांझ अभी ढली नही कांरवा अभी थमा नही है ऐ जिन्दगी ॥

मुस्कुराके ग़मों का घूंट पीना जिसको आ गया ऐ जिन्दगी
ये सच है कि जंहा में , जीना उसे आ गया ऐ   जिन्दगी॥

जा   मेरी अधुरी ख्वाहिशों से  कह दे अब,  तू  ऐ जिन्दगी
अपनी नही तो दूसरों की ख्वाहिशों के लिए जीना आ गया है ऐ जिन्दगी ||

मेरी ख्वाहिशों का क्या,कांरवां गुज़र रहा है ऐ जिन्दगी
मेरी चाहत में निशाँ बच रहे है या कांरवा ठहर रहा है ऐ जिन्दगी ॥

तमाम उम्र ख्वाहिशें मेरी,मुझे राह दिखाती रही ऐ जिन्दगी
उसे भी व तुझे भी, कभी  अपनी मंजिल का पता न था ऐ जिन्दगी ॥

मेरी ख्वाहिशें ही मुझसे कभी वफा न कर सकी ऐ जिन्दगी
मैनें जतन तो बहुत किये उन्हें पाने के लिए ऐ जिन्दगी ॥




Thursday, 19 May 2016

जिन्दगी , सफलता और मंजिल

जिस प्रकार तूफान, जानें के बाद अपनें निशान छोड़ जाता है , उसी प्रकार जीवन में सफलता व असफलता भी कुछ चिन्ह, अनुभव के रूप में छोड़ जाती है जो जीवन पथ पर आगे जाने वालों के लिये मील का पत्थर साबित होते है। ये मील के पत्थर , आगे बढ़नें वालों को उनकी मंजिल तक पहुंचा देते है। जरूरत होती है, लगातार प्रयत्नों की। गिरकर उठना और फिर चलना मंजिल तक पहुंचा ही देता है। जिन्दगी के मायने ,वास्तव में लगातार चलते रहना है| मुर्दे ही होते है जो रुक जाया करते है|जिन्दगी एक बहती नदी है , तालाब नहीं |लगातार बहते रहो ....चलते रहो....| यही जिन्दगी है, यही वास्तव में ख़ुशी है|