जिस प्रकार तूफान, जानें के बाद अपनें निशान छोड़ जाता है , उसी प्रकार जीवन में सफलता व असफलता भी कुछ चिन्ह, अनुभव के रूप में छोड़ जाती है जो जीवन पथ पर आगे जाने वालों के लिये मील का पत्थर साबित होते है। ये मील के पत्थर , आगे बढ़नें वालों को उनकी मंजिल तक पहुंचा देते है। जरूरत होती है, लगातार प्रयत्नों की। गिरकर उठना और फिर चलना मंजिल तक पहुंचा ही देता है। जिन्दगी के मायने ,वास्तव में लगातार चलते रहना है| मुर्दे ही होते है जो रुक जाया करते है|जिन्दगी एक बहती नदी है , तालाब नहीं |लगातार बहते रहो ....चलते रहो....| यही जिन्दगी है, यही वास्तव में ख़ुशी है|